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Patna University Digital Learning: जुलाई से ऑनलाइन लेक्चर शुरू, घर बैठे पढ़ सकेंगे UG-PG छात्र

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पटना विश्वविद्यालय ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए स्टूडियो आधारित ऑनलाइन लेक्चर रिकॉर्डिंग शुरू कर दी है। जुलाई से यूजी और पीजी छात्रों को यूट्यूब चैनल पर विषयवार पढ़ाई की सुविधा मिलेगी।

पटना/आलम की खबर:बदलते दौर में शिक्षा व्यवस्था तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही है और अब बिहार का ऐतिहासिक पटना विश्वविद्यालय भी इस दिशा में बड़ा कदम उठा चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को आधुनिक और सुविधाजनक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिजिटल स्टूडियो आधारित ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था की शुरुआत कर दी है। अब शिक्षकों के लेक्चर रिकॉर्ड किए जा रहे हैं, जिन्हें आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल के जरिए विश्वविद्यालय पारंपरिक पढ़ाई के साथ तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली को मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि आज के समय में सिर्फ क्लासरूम तक सीमित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। छात्रों को ऐसी सुविधा मिलनी चाहिए, जहां वे अपनी जरूरत और समय के अनुसार पढ़ाई कर सकें। इसी सोच के तहत डिजिटल स्टूडियो में विषयवार लेक्चर रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जुलाई महीने से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

जानकारी के मुताबिक शुरुआती चरण में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों द्वारा सिलेबस आधारित वीडियो लेक्चर तैयार किए जा रहे हैं। इन लेक्चरों को व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड कर डिजिटल फॉर्मेट में सुरक्षित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि छात्र घर बैठे भी उसी गुणवत्ता की पढ़ाई कर सकें, जो उन्हें क्लासरूम में मिलती है। इससे उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ होगा, जो दूरी, आर्थिक स्थिति या अन्य कारणों से नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाते हैं।

डिजिटल स्टूडियो के प्रभारी प्रो. Atul Aditya Pandey ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से इस परियोजना में शामिल किया जा रहा है। फिलहाल पहले, दूसरे और पांचवें सेमेस्टर के पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक विषय के कई महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर शिक्षकों के वीडियो लेक्चर रिकॉर्ड किए जा रहे हैं, जिन्हें जुलाई से विश्वविद्यालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस परियोजना के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। दिसंबर तक करीब 300 शैक्षणिक लेक्चर अपलोड करने की योजना बनाई गई है। इन वीडियो के जरिए छात्र कठिन विषयों को बार-बार सुनकर बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी यह सामग्री काफी उपयोगी साबित हो सकती है। खास बात यह है कि यह व्यवस्था केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छात्रों को रिसर्च और विषय की गहराई समझने में भी मदद करेगी।

इस डिजिटल पहल में अनुभवी और सेवानिवृत्त शिक्षकों का सहयोग भी लिया जा रहा है। विश्वविद्यालय ने सभी विभागाध्यक्षों से विषय विशेषज्ञों की सूची मांगी है ताकि गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तैयार किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि अनुभवी शिक्षकों के जुड़ने से छात्रों को बेहतर अकादमिक मार्गदर्शन मिलेगा और वे विषय को अधिक प्रभावी तरीके से समझ पाएंगे।

शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के अलावा विश्वविद्यालय सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों पर भी विशेष डिजिटल कंटेंट तैयार कर रहा है। हाल ही में वीर कुंवर सिंह की जयंती के अवसर पर उनके जीवन और योगदान पर आधारित विशेष व्याख्यान रिकॉर्ड कर अपलोड किया गया। इस सामग्री को Imtiyaz Hussain ने तैयार किया है। वहीं दर्शनशास्त्र विभाग की Amita Jaiswal और Kiran Kumari के सहयोग से भगवान बुद्ध के जीवन और दर्शन पर भी शैक्षणिक सामग्री विकसित की गई है।

विश्वविद्यालय ने कला, संस्कृति और साहित्य को भी डिजिटल मंच पर लाने की पहल की है। गुरुदेव Rabindranath Tagore के संगीत प्रेम और साहित्यिक जीवन पर आधारित विशेष प्रस्तुति तैयार की गई है। इसमें संगीत विभाग की Neera Chaudhary और Arvind Kumar का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसके अलावा कला एवं शिल्प से जुड़े विषयों पर भी छात्रों को डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। कला शिल्प महाविद्यालय की प्राचार्य Rakhi Kumari के सहयोग से प्राचीन कलाकृतियों और भारतीय कला विरासत से संबंधित कंटेंट तैयार किया गया है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा की भूमिका और अधिक बढ़ने वाली है। ऐसे में पटना विश्वविद्यालय की यह पहल बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है। इससे न केवल छात्रों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा, बल्कि पढ़ाई को अधिक आसान, लचीला और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का और विस्तार किया जाएगा। आगे चलकर लाइव क्लास, ऑनलाइन टेस्ट, डिजिटल नोट्स और इंटरएक्टिव लर्निंग जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इससे छात्रों को एक संपूर्ण डिजिटल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का रास्ता खुल जाएगा।

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